बोपन्ना-शरण ने टेनिस में जीता गोल्ड, इस एशियाड में पहली बार भारत को एक दिन में दो स्वर्ण मिले

88

पालेमबंग. एशियाड में भारत ने शुक्रवार को टेनिस में पुरुष युगल स्पर्धा में स्वर्ण जीता। रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने कजाकिस्तान के डेनिस येवशेयेव और एलेक्जेंडर बब्लिक को 6-3, 6-4 से हराया। भारतीय जोड़ी ने 52 मिनट में खिताबी मुकाबला जीता। पुरुष एकल में भारत के प्रजनेस गुणेश्वरन प्रभाकरण सेमीफाइनल में हार गए।

भारत ने एशियाड में पुरुष युगल में आठ साल बाद स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले 2010 में इंचियोन एशियाड में सोमदेव देववर्मन और सनम सिंह ने स्वर्ण जीता था। बोपन्ना ने पहली बार एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता। दिविज का एशियाड में यह दूसरा पदक है। वे 2014 में युकी भांबरी के साथ कांस्य जीत चुके हैं। भारत 1994, 2002, 2006 और 2010 में भी एशियाई खेलों में टेनिस की पुरुष युगल स्पर्धा का स्वर्ण जीत चुका है।

 

शुरुआत से ही बनाई मैच पर पकड़ : बोपन्ना और शरण ने पहले सेट में अच्छी शुरुआत की। उन्होंने कजाकिस्तान के खिलाफ 3-0 से बढ़त बनाई। हालांकि, प्रतिद्वंद्वी टीम ने अच्छी वापसी की और स्कोर 5-3 कर लिया, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अगला गेम जीतकर पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भारतीय जोड़ी संघर्ष करती दिखी। एक समय वह 1-2 से पिछड़ गई थी। हालांकि, इसके बाद बोपन्ना और शरण ने स्कोर 3-3 से बराबर किया। शानदार वापसी करते हुए 4-3 से बढ़त हासिल की। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को सिर्फ एक सेट जीतने दिया और 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया।

अंकिता ने महिला एकल में जीता कांस्य : इन एशियाई खेलों में भारत का टेनिस में यह दूसरा पदक है। गुरुवार को अंकिता रविंदरकृष्णन रैना ने महिला एकल में कांस्य पदक जीता था। एशियाड में टेनिस में भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक महेश भूपति और लिएंडर पेस की जोड़ी ने जीते हैं। भूपति और पेस की जोड़ी ने 2002 और 2006 में स्वर्ण पदक जीते थे।

सेमीफाइनल में हारे प्रभाकरण, कांस्य जीता ः एशियाड 2018 में टेनिस का तीसरा पदक प्रजनेस गुणेश्वरन प्रभाकरण ने जीता। वे पुरुष एकल के सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के डेनिस स्टोमिन के हाथों हार गए। स्टोमिन ने 86 मिनट तक चले मुकाबले में प्रभाकरण को 6-2, 6-2 से हराया। इस हार के कारण प्रभाकरण को अब कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा।

भारतीय महिला कबड्डी टीम भी ईरान से हारी ः दूसरी ओर, खराब अंपायरिंग के कारण भारतीय महिला कबड्डी टीम एशियाई खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई। खिताबी मुकाबले में उसे ईरान के खिलाफ 24-27 से हार का सामना करना पड़ा। एशियाड में महिला कबड्डी को 2010 में शामिल किया गया था। इस स्पर्धा के पिछले दोनों स्वर्ण पदक भारत ने ही जीते थे। गुरुवार को भारतीय पुरुष कबड्डी टीम भी सेमीफाइनल में ईरान से हार गई थी, जिसके कारण उसे कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।

डमिंटन में गैर वरीय खिलाड़ी से हारकर पदक की दौड़ से बाहर हुए किदांबी श्रीकांत : बैडमिंटन के पुरुष वर्ग में भारत की निराशाजनक शुरुआत हुई। एकल वर्ग में किदांबी श्रीकांत पदक की दौड़ से बाहर हो गए। उन्हें राउंड ऑफ 32 में गैर वरीय खिलाड़ी हॉन्गकॉन्ग के विंसेट वोंग ने 23-21, 21-19 से हराया। दुनिया के 7वें नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत मैच में एक भी मैच प्वांइट नहीं जीत सके, जबकि दूसरे गेम में वोंग ने दो मैच प्वांइट और एक गेम प्वांइट हासिल किया। जिम्नास्टिक में भी भारत को सफलता नहीं मिली। दीपा करमाकर12.50 पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर रहीं।

दीपिका पल्लीकल और सौरव घोषाल ने 2 पदक पक्के किए : स्क्वैश में दीपिका पल्लीकल कार्तिक ने महिला और सौरव घोषाल ने पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। दोनों खिलाड़ियों की जीत के साथ ही इस स्पर्धा में भारत के 2 पदक पक्के हो गए। दीपिका ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान की मिसाकी कोबायाशी को 3-0 से शिकस्त दी। 28 साल की स्क्वैश खिलाड़ी ने 2014 इंचियोन एशियाड में महिला एकल में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने गुरुवार को हुए आखिरी-16 के मुकाबले में मेजबान इंडोनेशिया की येनी सिटी रोहमाह को 3-0 से मात दी थी। पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में सौरव ने हमवतन हरेंदर पाल सिंह संधू को 3-1 से हराया। सौरव ने 2006 दोहा और 2010 ग्वांगझू एशियाई खेलों में पुरुष एकल का कांस्य पदक जीता था। ग्वांगझू में वे टीम स्पर्धा का कांस्य पदक जीतने में भी सफल रहे थे। उन्होंने पिछले एशियाड में पुरुष एकल का रजत और टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था।